Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
à¤à¤• से दो साल के बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¤¸à¥€ रखें डायट, बà¥à¥‡à¤—ी इमà¥à¤¯à¥‚निटी दूर होंगीं बीमारियां
à¤à¤• से दो साल के बचà¥à¤šà¥‡ मां का दूध पीते हैं, साथ ही इस उमà¥à¤° में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ठोस आहार देने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कर दी जाती है।
diet chart for 1-2 year indian baby in hindi
à¤à¤• से दो साल के बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¤¸à¥€ रखें डायट, बà¥à¥‡à¤—ी इमà¥à¤¯à¥‚निटी दूर होंगीं बीमारियां
à¤à¤• से दो साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की डाइट बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ रखनी चाहिठताकि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में उनके खानपान का तरीका सही रहे। सही खानपान की बदौलत बचà¥à¤šà¥‡ का इमà¥à¤¯à¥‚न मजबूत होता है और रोगों के खिलाफ लड़ने में उनका शरीर सकà¥à¤·à¤® बनता है। इसलिठअपने बचà¥à¤šà¥‡ की डाइट à¤à¤¸à¥€ रखें, जिसमें उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ मिलें। आइठजानते हैं कि à¤à¤• से दो साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ की डाइट कैसी होनी चाहिà¤à¥¤
​बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाà¤à¤‚
इस उमà¥à¤° में आपका बचà¥à¤šà¤¾ हर चीज खा सकता है। उसे हर वो चीज दें, जो आप लोग खाते हैं। उसकी डाइट में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजों को शामिल करें जैसे दूध, अंडा, चिकन, मछली, मटर, दाल, बादाम, फल, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आदि।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ की डाइट में वसा à¤à¥€ शामिल करें। वसा से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है। इस उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ के तौर पर चाॅकलेट, चिपà¥à¤¸ आदि के बजाय ताजे फल आदि दें।
​बचà¥à¤šà¥‡ को कितना खिलाà¤à¤‚
इस उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ठोस आहार लगà¤à¤— à¤à¤• कटोरी पूरे दिन में तीन से चार बार दें। हर दो मील के बीच सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ दें। सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ दिन में दो बार देना परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। अगर आप उसे अपना दूध नहीं पिला रही हैं, तो उसे इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आहार की जरूरत हो सकती है।
जब आपका à¤à¤• साल का बचà¥à¤šà¤¾ चलने लग जाठतो उसकी डाइट में बदलाव कर दें। उसे तीन से चार की बजाय चार से पांच बार पूरे दिन में खाना खिलाà¤à¤‚ और दो बार सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ खिलाà¤à¤‚। दूध से बने पदारà¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठबहà¥à¤¤ ही जरूरी हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आवशà¥à¤¯à¤• तौर पर दिन में दो बार जरूर दें।
​बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ न खिलाà¤à¤‚
फिलहाल इस उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ इतने छोटे होते हैं कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ देने से बचना चाहिà¤à¥¤ इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साॅफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क, जंक फूड, कà¥à¤•ीज, केक, सोडा, कैंडी जैसी चीजें बिलà¥à¤•à¥à¤² न दें। ये सà¤à¥€ चीजें बचà¥à¤šà¥‡ के लिठनà¥à¤•सानदायक हैं।
इनमें काफी मातà¥à¤°à¤¾ में शà¥à¤—र, नमक, वसा और केमिकल मिले होते हैं। यह बचà¥à¤šà¥‡ के पेट के लिठसही नहीं है। इन सबके बजाय पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार को ही महतà¥à¤µ दें।
​बचà¥à¤šà¥‹ को किस तरह खिलाà¤à¤‚
बचà¥à¤šà¥‡ को कितना और कब खिलाने के साथ-साथ किस तरह खिलाà¤à¤‚, यह जानना à¤à¥€ जरूरी है। बचà¥à¤šà¥‡ की डाइट के लिठà¤à¤• कटोरी फिकà¥à¤¸ कर लें। इससे आपको हर बार समान मातà¥à¤°à¤¾ में आहार देने में सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होगी।
खाने में अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‡ समय लेते हैं। आप उसे जबरन जलà¥à¤¦à¥€ खिलाने की कोशिश न करें। खाना खाने में उसे जितना समय लगे, आप उसे दें। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में बचà¥à¤šà¥‡ समय लेकर खाना खतà¥à¤® करते हैं और काफी बिखेरते à¤à¥€ हैं। आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सही तरह खाना सिखाà¤à¤‚।
खाते समय बचà¥à¤šà¥‡ को तरह-तरह से पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने की कोशिश करें और खिलाते वकà¥à¤¤ उसके सामने बैठें। खिलाते वकà¥à¤¤ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बातचीत करें और बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखाना खाने का समय मसà¥à¤¤à¥€ à¤à¤°à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤
खाना खाने को बचà¥à¤šà¤¾ जितना इंजॉय करेगा, वह उतना ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहेगा।
​जब बचà¥à¤šà¤¾ खाना खाने से मना करे
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मांओं की यही शिकायत होती है कि उनका बचà¥à¤šà¤¾ खाना नहीं खाता है। उसे सिरà¥à¤« सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ पसंद हैं, वह à¤à¥€ बाहर का। हालांकि, à¤à¤• से दो साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मांà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, इसलिठउनकी डाइट की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता नहीं करतीं जबकि à¤à¤¸à¤¾ करना सही नहीं है।
इस समय बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार देना चाहिà¤à¥¤ उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को विकसित होने दें। तरह-तरह के आहार खिलाà¤à¤‚। जो उसे पसंद आ रहा है, शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में वही दें। अलग-अलग आहार उसकी पसंदीदा आहार के साथ मिलाकर दें।
बचà¥â€à¤šà¥‡ के खाने में कई रंगों की चीजों को शामिल करें। रंग हमेशा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करते हैं। इससे खाने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¥€ उनकी रà¥à¤šà¤¿ पैदा हो सकती है।
बचà¥à¤šà¤¾ जब कोई चीज खाने के लिठमना करे तो बचà¥à¤šà¥‡ पर गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ न करें। न ही उस पर खाने के लिठदबाव डालें। पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार के बदले बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ न दें। धैरà¥à¤¯ बनाठरखें। जब वह टाल दे तो कà¥à¤› देर के लिठखाने की थाली उसके सामने से ले हटा दें। थोड़ी देर बाद फिर वही खाना उसे खिलाने की कोशिश करें।
| --------------------------- | --------------------------- |